Week 2: Children’s Day

Children's Day

बनेगा ना?  by Jaikishan Tulswani  @_iamjk

{Aaj Sirhaane Signature Stamp For A Story Filled With Positiveness}

कुछ रिश्तों में हिम्मत…साहस…सहनशीलता  हालात पैदा कर देते हैं… मेरा और उसका रिश्ता भी कुछ ऐसे ही बना था.. हम अपनी ज़िन्दगी में एक जैसे हालातों से टकराते होते हुए एक मोड़ पर आकर मिले गए थे… उसमें मुझे अपनी छोटी बहन और मेरे हालातों का प्रतिबिम्ब दिखाई दिया..लगा की जैसे वो मेरी अपनी ही है…बस फिर तय कर लिया की ज़िन्दगी में आगे जो भी मुश्किलें आएँगी उसे साथ तय करेंगे….. रूखी-सूखी जो भी मिलेगी उसे साथ मिलकर जीएंगे .. और एक बेहतर कल बनाएंगे…  

बनेगा ना?

बेरहम By Shubham Bais @Shubham__2

“कुछ खाओगी?” अपना हाथ बढ़ाते हुए मैंने अपनी बहन से पूछा। दरअसल वो मेरी बहन नहीं थी या ये कहना ज्यादा ठीक रहेगा कि इस विशाल समन्दर रूपी जगत में हम दोनों का हमारे सिवा कोई नहीं था। बेटी होने का दुःख उसने भी भोगा था, वो भी अपने पिता की सीमाहीन शक्ति का परिचय थी। किसी महाशय ने रहम दिखाकर उसे मेरे पास छोड़ दिया, ये कहकर कि अब से ये तुम्हारी बहन है ख्याल रखना। और मैं आज तक नहीं समझ पायी कि कैसे कोई पिता अपनी नवजात बेटी के लिए इतना बेरहम हो सकता है।

पेट भर भोजन  by Nimit Rastogi @_chitr

दो महीने पहले हुए एक्सीडेन्ट में परी के सीधे पैर का अँगूठा काटना पड़ा था; ज़हर बनने लगा था उसमे। अब मौसम सर्द होने लगा है। ऐसे मौसम में चोट अकड़ने लगती है। बड़े बड़े लोग दर्द में कराहने लगते हैं लेकिन परी तो अभी चार साल की भी नहीं थी। छोटी सी बच्ची परी को देखकर लोग कुछ न कुछ दे ही देते थे परंतु अब बड़ी बहन पंछी को अकेले ही घूमकर भोजन माँगना पड़ता। बस उतना ही मिल पाता है कि परी का पेट भर पाये। दिन बा दिन कमज़ोर होती जा रही है पंछी।

आधा हिस्सा by Ankita Chauhan @_ankitachauhan

नवम्बर की शामें थोड़ी और सर्द हो चली थी। चिनार-ब्रिज पर रविवार मनाने आते लोगों का आना कुछ कम हो गया था। साल में मौसम भी चार करवट बदलता था, लेकिन उस लड़की की दिनचर्या नहीं। सुबह से शाम तक अपनी नाज़ुक हथेलियों को फैलाकर…कभी गीत गुनगुना कर, जो कुछ इकठ्ठा कर पाती, अपनी बहन के साथ बाँट लेती। आस-पास गुजरते लोगों की नज़रों में दया होती और उस निरीह के अधरों पर जवाब “अपना आधा-हिस्सा नहीं, अपने जिस्म के आधे-हिस्से को खिला रहीं हूँ, हिस्सा जो मुझे हर सुबह उठने की उम्मीद देता है, और शाम ढलते जीने की वजह।

दावत By Ashish Mishra @justalovelythou 

आज दावत थी रानी की, स्टेशन के कचड़े में, बिरयानी और मिठाई मिली, वो भी बिलकुल ताज़ा | इस से पहले की वो खाना शुरू करती उसने देखा, आगे अँधेरे में, कुत्तों के बीच बैठी एक छोटी सी जान को | ५ साल पहले ऐसी ही एक गर्मी की रात, जब कोई उसे भी कुत्तों के बीच छोड़ गया था, की धुंधली सी याद आ गयी |

रानी ने उसे गोद में उठाया, आंसू पोछे और बड़े प्यार से एक मिठाई का टुकड़ा  खिलाया | ये करते हुए, पहली बार, शायद १० साल की रानी की आँखों में आंसू थे |

निवाला by Kush Vaghasiya @kush052

वो कभी स्कुल नहीं गई, पर ज़िन्दगी ने उसे “बेबसी” का सबक बड़ी बखुबी से सिखाया था ।
सुबह से न जाने कितनी ठोकरों के बाद उसे रोटी नसीब हुई, और तुरन्त उसके नंगे पैरो ने दौड़ लगाई। समन्दर किनारे, नन्ही बहन के रूप में उसका बचपन इंतज़ार कर रहा था |
रोटियाँ पहुँच गई| उसने अपने हाथो से बहन को रोटी खिलाई | दोनों चहेरो पे मुस्कान थी | उन निवालों में दीवाली का लड्डू भी था, ईद की सेवइयां भी थी | उन निवालों में सच्चे प्यार की मिठास थी |

अनचाहा एहसास  by Shikha Saxena  @shikhasaxena 191 ♠♣♥♦

This Week’s Top Story { डॉ. ताहिर ज़ैदी – “मेरे विचार से अनचाहा एहसास है सर्वप्रथम
बाकी कहानियाँ भी अच्छी हैं पर इस में जो एक मोड़ दिया गया है वो इसे सब से अलग और मर्मस्पर्शी बनाता है।” }

आंटी मिठाई दे दो , आज दीवाली है ना छोटी बहन को खिलाना है …
अच्छा धंधा है माँ बाप का, भीख मंगवाने का…पलटने लगी मैं  ..

माँ नही है ..
एक बोझ सा उभर आया.. एक मिठाई की तो बात थी
कुछ काम है ?
ये कूड़ा डाल आ ..बीस रुपए दे दिए …उस बोझ को दबाने की जल्दी थी शायद ..

अकस्मात सुबह वाली लड़की पर नजर पड़ी, पास ही खाना था .. बहन को मिठाई खिला रही थी .. याद आया कि आज कूड़े में खराब हो रही उसी मिठाई का डब्बा डाला था ..
बोझ अब दर्द देने लगा था..

—-

The story below is not part of the selection process. I couldn’t stop myself to participate in this amazing project.

खेल By SKB @Sai_ki_bitiya

– कितने दांत हो गए तेरे अब… मुंह खोल..
– आअ , अआ ..
– हम्म १, २, ३ उँह,  पूरे १० ..
 – पांच और आएंगे तो खाना खाएंगे। .
 – खी खी खी खी.
– दीदी, भूख लगी है ..
(चुप्पी)
– दीदी ..
– दीदी, भूख ..
(चुप्पी)

– दीदी, चलो फिर से खाना खाना खेलें ..
मेरे कितने दांत हो गए?

14 Comments Add yours

  1. shubhambais says:

    इस बार की सारी कहानियां बेहतरीन है, सच में अगर मैं ताहिर सर की जगह होता तो मेरे लिए चयन तो बेहद मुश्किल होता।
    आप सभी का शुक्रिया।

    1. aajsirhaane says:

      Sach mein.. is baar bahut badhiya attemps hain.. mujhe bhi har kahaani 7/8 baar padhni padhi.. aapki story bhi bahut achhi hai ..

      A.

  2. shubhambais says:

    शुक्रिया, अगली बार और बेहतर कोशिश करूँगा।

  3. shubhambais says:

    @sai_ki_bitiya
    आपकी कहानी भी बहुत अच्छी है, अगली बार से आप भी प्रतियोगिता में भाग लीजियेगा।

    1. aajsirhaane says:

      Main is site ki curator huun.. mera bhaag lena theek nahi rahega .. but thank you 🙂

      aur koshish karna .. 🙂

      1. shubhambais says:

        फिर भी अगर मुमकिन हो तो आपको पढ़ने का मौका दीजियेगा।
        शुक्रिया।

  4. anpadh00 says:

    “निवाला” सबसे अच्छा लगा
    अन्य भी उतने अच्छे, चयनकर्ता को धन्यवाद

    1. aajsirhaane says:

      Thank you .. @kush052 ko zarur batana 🙂

  5. aajsirhaane says:

    Jaikishan – umdah vichaar.. padh ke lagaa haan.. ye hi woh soch hai jo kismat mein badlaav laa sakti hai..

    Shubham Bais – Ye mujhe sochne pe majboor kar gaya .. maujooda haalat ko chhuuta hua ..

    Nimit – achha lekhan.

    Ankita Chauhan – This was very well written.. a complete story.

    Ashish Mishra – If I could chose another one, this would be number 2 best story.

    Kush Vaghasiya – this brough a smile.. achhi koushish 🙂

    Shikha Saxena – ye sirf Tahir sir ka hi nahi , Vivek ka bhi fav raha hai .. aur popular fav bhi .. matlab aap har angle se winner rahi hain.. 🙂

    SKB – Anuradha

    1. Thank You Anu Di..! will improve next time 🙂

      Loved Your Story too ! keep Writing.

  6. जयकिशन तुलसवानी says:

    Abhi tak yahan do baar participate kiya hai….aur kahani likhne ka mauka pehli baar bhi yahi aajsirhane community me mila…aage koshish rahegi aur behtareen likhne ki.

    Aap sabhi ka shukriya !!!

    1. aajsirhaane says:

      Thank you 🙂 Aur achha likho 🙂

  7. Shikha says:

    विचार उड़ते रहते हैं और शब्द आवारा फिरते रहते हैं ..बहुत से लोग बहुत कुछ लिखना और कहना चाहते हैं बस एक प्रेरणा और मंच की जरूरत हैं ..धन्यवाद #AajSirhaane का, कि उसने ये बेहतरीन कदम उठाया

    1. aajsirhaane says:

      Thank you so much Shikha .. 🙂

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