Kashmir .. FabFive by Vishal

fab 5

“न सोचा न समझा न सीखा न जाना
मुझे आ गया ख़ुदबख़ुद दिल लगाना “
                 – मीर

मीर की ये ग़ज़ल जैसे कश्मीर के लिए ही लिखी गयी हो । वो ख़ूबसूरती जिसके नाम में “मीर” जुड़ा हो उसकी जगह दिल में ही होगी ।अगर कश्मीर को हिंदी संगीत के माध्यम से देखें तो मेरी नज़र में ये पाँच गाने हमेशा आँखों के सामने रहेंगे ।


ये चाँद सा रोशन चेहरा जब भी बजता है कश्मीर की कली याद आती है । 

“एक चीज़ कयामत भी है, लोगों से सुना करते थे
तुम्हे देख के मैने माना, वो ठीक कहा करते थे”

Link: Ye Chaand Sa Roshan Chehra 


कश्मीर की बात हो तो बहार खुद ब खुद आँखों में उतर आती है । जब भी इस गाने को सुनो लगता O P Nayaar साहब ने कश्मीर की ख़ूबसूरती को एक धुन में क़ैद कर रखा है ।

“पुकारता चला हूँ मैं, गली गली बहार की ।
बस एक छाँव जुल्फ की, बस एक निगाह प्यार की “

Link: Pukaarta Chala Hun Main 


हर दिल की आरज़ू होती होती जन्नत नसीब हो । जीते जी ये इच्छा पूरी करने को अक्सर लोग कश्मीर ही आते है ।मादनो रे वो गाना जिसे देखते और सुनते वक़्त आपको लगेगा आप अपनी महबूबा (मादनो) के साथ ख़ुदा के महबूब ( कश्मीर ) की बाहों में है ।

“मैं हूँ शब तू सुबह.. दोनों जुड के जुदा
मैं हूँ लब तू दुआ .. दोनों जुड़ के जुदा
मादनो.. माशुको.. दिलबरो.. मादनो रे ।

Link: Maadno


इस गाने के हर शब्द में आप कश्मीर की ख़ूबसूरती पायेंगे । जो दिल के बेहद करीब हो आप उसे आस पास पाएंगे ।
यह गाना मेरे दिल के इतने करीब की जब भी सुनता हूँ लगता है जैसे मैं अपने प्यार के बेहद करीब हूँ और अपनी उँगलियों से उसके गोरे बदन पर उर्दू में नाम अदा लिख रहा ।” गोरे बदन पे ऊँगली से मेरा नाम अदा लिखना “

“आओ ना आओ ना झेलम में बह लेंगे,
वादी के मौसम भी इक दिन तो बदलेंगे ।
कभी कभी आस पास चाँद रहता है,
कभी कभी आस पास शाम रहती है “

Link: Naam Ada Likhna


ये पाँचवा गीत उदासी से भरा पर कश्मीर की वादियों ,झील और संगीत से ओत प्रोत .. ये गीत एक सफ़र के जैसे है ..

“आती है जब ये रुत मस्तानी,
बनती है कोई न कोई कहानी ।
अबके बरस देखे बने क्या फ़साना,
परदेसियों से ना अँखियाँ मिलाना “

Link: Pardesiyon Se Na Akhiyaan Milaana

और अब आप की बारी .. आपका सब से पसंदीदा कश्मीर गीत कौन सा है? हैशटैग #FABFIVE ..

4 Comments Add yours

  1. kush052 says:

    WOW, शुक्रिया विशाल भाई इस “ताज़ी हवा के झोंके” के लिए 🙂

    1. शुक्रिया भाई ।

    2. शुक्रिया भाई |
      ख़ुशी हुआ की पसंद आया आपको ||

  2. चमार says:

    “परदेसियों से ना…” मेरे सबसे पसंदीदा गानों में, सब से ऊपर वालों में है। बेहत खूबसूरत लिरिक्स पर और भी लाजवाब मोहम्मद रफ़ी की गायकी, क्या कहें! ब्लिस!

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