10 Comments Add yours

  1. बहुत बढ़िया कहानी संदीप जी की , कुछ सोचने पर मजबूर कर देती है आपको

  2. Jagrati says:

    Wow! Thoughtful story..beautifully written. 🙂

  3. बेहतरीन! असली कहानी! सुनी जाने योग्य।

  4. Nitin chaurasia says:

    बच्चे कभी-२ सरलता पूर्वक बड़ी बात कह जाते हैं। सरिता में एक स्तंभ आता था बच्चों के मुख से उसकी याद दिला गयी ये कहानी।👍

  5. ajaypurohit says:

    कभी-२ एक साधारण रचना का सशक्त अंत कहानी को कितना वज़न दे जाता है, इसकी एक झलक दिखाई देती है इस कथा में ।

    सुंदर प्रयास संदीप भाई ! कहानी मैं एक कौतुहल व गतिशीलता है । कहानी के अंत में कई और कहानियाँ उभरने लगती हैं मन में ।

    1. AS says:

      Thank you 🙂

  6. Dimple says:

    Very senstive !

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