13 Comments Add yours

  1. बहुत खूब मिश्रा जी, बहुत अच्छे

    1. Navneet says:

      धन्यवाद आपका!!

  2. ajaypurohit says:

    बेहद भावपूर्ण रचना ! नवनीत को ढेरों बधाई एवं आशीर्वाद । Keep it up !!

    1. नवनीत says:

      धन्यवाद सर! आपका आशिर्वाद ही प्रेरणा है।

  3. sacredheartsip says:

    Beautiful Navi ji 🙂

    1. Navneet says:

      Thankuu!!😊😊😊😊

  4. archanaaggarwal4 says:

    वाह , मन उदास नहीं खुश हो गया

    1. Navneet says:

      Thank you!! Hamara prayaas safal hua!!

  5. mohdkausen says:

    काठ व्यापी सब कहीं है किंतु रस उसमे नही है । शानदार सुफियानी अहसास लिए हुए , प्यारी कविता

    1. Navneet says:

      धन्यवाद! आपने इतनी गहराई से पढ़ा मैं अभिभूत हूँ!

  6. शिशिर सोमवंशी says:

    कवि उदास था किंतु कविता स्मित है ।

    1. Navneet says:

      धन्यवाद सर! आपकी प्रेरक टिप्पणी से यात्रा आनंद और उत्साह से सतत चलेगी।

  7. आहा!… उदासी में भी गीत है

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