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  1. वर्तमान, भविष्य और भूतकाल में उलझी एक ग्रहणी, रिश्ता चाहे पवित्र था, फिर भी निभाने में असमर्थ एक ग्रहणी 👏🏻👏🏻

  2. archanaaggarwal4 says:

    अत्यंत भावपूर्ण

  3. रुहान जी रियल स्टोरी लिखी क्या । बहुत अछि प्रस्तुति

  4. ajaypurohit says:

    वाह ! बेहद सहज व एक interesting pace पर चलती ये कहानी दिल को गुदगुदा गयी । लेखक बधाई के पात्र हैं । सौम्या का role इतना जीवंत बन पड़ा है मानो वो आप के ही जीवन का हिस्सा हो । बहुत ख़ूब ! 👏🏽👏🏽👏🏽

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