4 Comments Add yours

  1. sacredheartsip says:

    बहुत ही खूबसूरत कहानी.. और प्रस्तुतीकरण भी लाजवाब था.. अमित जी आपको और आपके लेखन को प्रणाम.. और हाँ पार्टी देना मत भूलियेगा 😊

  2. ajaypurohit says:

    बेहद सशक्त प्रस्तुतीकरण ! अमित को बधाई । ये नाटक वाक़ई सभी रचनाओं को पीछे छोड़ जाता है ।

    राजीव जी व अनु, मेरा एक observation है । शायद नाटक में कथानक secondary हो जाता है, unlike in a story. The presentation is the key here. This fact is quite motivating for me. शायद किसी पात्र को निभाने में एक अभिनेता इस में और भी जान डाल देता होगा ।

    I need to watch some more plays of Ranmanch now !

  3. वाह अमित!! क्या स्क्रिप्ट लिखी है आपने। जितनी दमदार कहानी है उतने ही जानदार संवाद। और सोने पे सुहागा है शीर्षक। ऐसे ही लिखते रहिये।

  4. Vimal Kishore Rana says:

    Excellent story, Beautiful Presentation & Heart touching narration Rawat ji. Congratulations!

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