6 Comments Add yours

  1. archanaaggarwal4 says:

    शांति को पाने की चाहत , अपनों की चिंता सब कुछ इस छोटी सी प्यारी नज़्म में

    1. Ehsaas says:

      Thanks Mam
      Shukriya 🙏

  2. घर में ही बेघर!! क्या कह दिया एहसास ने!! जितनी गहराई आपकी नज़्म में है उतनी ही आपकी आवाज़ में भी। बहुत खूब!!

    कोशिश भी का इंट्रो भी अपने आप में एक नज़्म ही है।

    1. Ehsaas says:

      Thanks

      Apne suna, padha aur sarahaa iss ke liye shukriya 🙏

  3. ajaypurohit says:

    ‘एहसास’, आपकी आवाज़ में जितनी क़शिश है उतनी ही गहरी है यह रचना । ‘कोशिश’ ने बख़ूबी परिचय दे कर इसे और सुँदर बना डाला है । आशा है ये दौर यूँ ही चलता रहेगा ।

    ‘आज सिरहाने’ मंच को पुन: नमन ! अनु जी के हौसले को मेरा सलाम !

    1. Ehsaas says:

      Thanks ajaypurohit sir

      Keep your blessing on us
      Aur nazmon ka silsila chalta rahenga..

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