19 Comments Add yours

  1. मर्मस्पर्शी कहानी जोगी!! बहुत खूब।

    बेहतरीन परिचय अजिताभ!!

    दोनों को ढेर सारी बधाई

    1. बेहद शुक्रिया 🙏

  2. बहुत ही मर्मस्पर्शी कहानी जोगी! बिल्क़ुल दिल को छू जाने वाली!

    अजीताभ, क्या ख़ूब परिचय!! वाह!

    Admin! What a backdrop choice! Too good!!

  3. krishanadhani says:

    जिन्दगी की हकिकत जो दिल में दर्द और लब पे मुस्कान
    बन कर एक साथ रूह को भिंगा जाती है,,
    आपकी दुआ कबूल हो जोगी :))
    अजिताभ जी- इस कहानी का परिचय इससे बेहतरिन
    हो ही नही सकता था

  4. archanaaggarwal4 says:

    उफ , आँसू आ गए , जोगी जी बेहद मार्मिक कहानी , अविस्मरणीय

    1. धन्यवाद् अर्चना मैम 🙏

  5. krishanadhani says:

    कुछ यादें दिल में दर्द और लब पे मुस्कान साथ लाते हैं
    और हमारे रूह को भिंगा जाते हैं…
    आपकी दुआ कबूल हो जोगी :))
    अजिताभ जी -आपकी कहानी परिचय लाजबाब है

  6. ajaypurohit says:

    अंतर्मन को झकझोरती इस कथा ने समाज के एक ऐसे रूप का चित्रण किया है जिससे हम सभी भली भांति परचित हैं | एक प्रेरणा भी है इस कथा में | लेखन से अधिक कथानक प्रभावशाली है व कहानी में एक रफ़्तार है | जोगी को बधाई व उम्मीद है कि आगे ऐसे अनुभवों से पाठकों को हिलाते रहेंगे |

    अजिताभ द्वारा कथा व कथाकार का परिचय बेहद लुभवाना लगा !

    1. बहोत बहोत धन्यवाद् सर, कोशिश करूंगा जो कुछ भी थोड़ा बहोत ज़िन्दगी में महसूस किया है आप सबसे साझा करूं 🙏:)

  7. sacredheartsip says:

    इस कहानी को मैंने कई बार पढ़ा है… आपके ब्लॉग का सबसे नायाब हीरा है ये.. उम्मीद है अब तक आपकी मुलाक़ात आपके स्टेशन वाले बाबा से हो गयी होगी और अगर नहीं हुई है यो दुआ है जल्द ही हो जाए

    अजिताभ जी से बेहतर इस कहानी का परिचय कोई और नहीं दे सकता था

    आप दोनों को बधाई.. लिखते रहिये

    1. पाकीज़ा मैम आपने हमेशा प्रोत्साहन दिया है मै आपका हमेशा से आभारी रहा हूँ, रहूंगा … बाबा से जब भी मुलाक़ात होगी आप सबसे वो भी साझा करूंगा, आपकी दुआओं का तहेदिल से शुक्रिया 🙏:)

  8. bahut khoop, kahani ne mujhe mere sahar faizabad aur gonda ke kareeb pauncha diya

    1. सर हम भी आपके पड़ोस शहर सुल्तानपुर से हैं, पढ़ने और प्रोत्साहन के लिए बहोत बहोत धन्यवाद् 🙏

  9. PANKAJ SAXENA says:

    हृदयस्पर्शी कथानक, सजीव चित्रण और कसा हुआ लेखन। बहुत बहुत तबधाई।

    1. बहोत बहोत धन्यवाद् सर 🙏

  10. नितिन says:

    संवेदनाओं से लिपटी हुई ये कहानी दिल को छू जाती है, मन से यही दुआ निकलती है की वो फ़क़ीर जहाँ भी ऊपर वाला उसका ध्यान रखें। जोगी और अजिताभ जी को साधुवाद।

    1. आपकी दुआ असर करे , बहोत शुक्रिया भाई

  11. Feroz Khan says:

    I am Speechless

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