7 Comments Add yours

  1. sacredheartsip says:

    जितनी संवेदनशील कविता है उतना ही मर्मस्पर्शी परिचय

    बधाई स्वीकार करें 🙏👏👏👏

  2. ajaypurohit says:

    Very appealing ! Very very appealing !! अनायास ही मुझे ‘पुष्प की अभिलाषा’ कविता याद आ गयी | लेखन अति सुगढ़ व रचना के भाव अति मनमोहक हैं | अमित को हार्दिक बधाई व उम्मीद है कि वो ऐसी ही कई और रचनाएँ ले कर आये व इस मंच को और सुदृढ़ बनाये | अर्चना ने परिचय के माध्यम से अपनी अप्रतिम लेखन प्रतिभा का परिचय दिया है |

    अति सुन्दर कृति |

    1. archanaaggarwal4 says:

      शुक्रिया आप सभी का

  3. Nirmal says:

    माखनलाल चतुर्वेदी जी की पुष्प की अभिलाषा याद आ गई अमित, बहुत अच्छा लिखा। खूब लिखो और आगे बढ़ो

  4. Jagrati says:

    Bahut hi maarmik kavita amit ji, jivan rupi patte ka acchha udaahran diyaa hai aapne.. bahut khoob.
    Archana ji vishuddh hindi me likhe gaye aapke parichay ne kavita ko sarthakata di h.

  5. amit bahut achchi kavita!! har nayi rachna ke saath kamaal kar dete ho tum…..

    archana parichay padh kar dictionary uthani padi mujhe shabdarth ke liye!! bhasha ka kitna utkrisht prayog!!

    dono ko dher sari badhaai!!

  6. अमित बहुत ही खूबसूरत लिखा है आपने एक पत्ते की संवेदना को ..एक अनूठी कविता और उतना ही खूबसूरत परिचय अर्चना जी के द्वारा उनके मनमोहक शब्दों में

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