Rukaa Hua Saawan : Shraddha Upadhyay

रुका हुआ सावन लेखिका : श्रद्धा उपाध्याय जब सुनिधि सीएसटी स्टेशन पहुँची तो ट्रेन प्लेटफ़ॉर्म पर लग चुकी थी। उसने ट्रेन का नंबर 11057 सुनिश्चित किया और फिर अपना सामान लेकर वह बी 2 में चढ़ गई। बाहर हल्की बारिश हो रही थी। सुनिधि गेट पर खड़ी हो गई और उस शहर को देखने लगी।…

Blog Of the Month : Fatima Kolyari

Zikr Aur Fikr नशा तेरी यादों से आता है या तेरे ज़िक्र से.. फासले है फिर भी दिल बैचेन है तेरी फ़िक्र से.. जुबां का ज़ायका बदल जाता है तेरे ज़िक्र से.. अजब सी कशिश महसूस होती है तेरी फ़िक्र से.. अरमान दिल के मचलने से लगते है तेरे ज़िक्र से. ज़ेहन ख़ौफ़ज़दा सा हो…

Qadd : Rashmi Mishra

Qadd Rashmi Mishra Rising Star Of The Month क़द छोटा रह गया सपनों की उडानों से, पर जद्दो- जहद ज़ारी है… ज़िंदगी तू भी कब तक मुझ पर भारी है? चल देख़ें तेरा भी कुछ क़माल, आ करें दो-दो हाथ.. तूने बहुत की तैयारी है, आ भी जा अब फिर मेरी बारी है तुझसे उम्मीदें…

Prateik Chauhan

Blog Of The Month Prateik Chauhan Link : www.soulouge.in

Dhoop Ka Tukda : Shikha Saxena

WRITER OF THE MONTH SHIKHA SAXENA  धूप का टुकड़ा  जब छाने लगते हैं  निराशा के बादल … और होने लगती हैं बेमौसम अनचाही बारिशें … तभी आ जाता है  उड़ता हुआ … पता नही  कहाँ से एक धूप का टुकड़ा … उम्मीद से भरा हुआ … और जागने लगती हैं फिर से .. जीने की…

Buudhaa Daakiya : Nitish

Story : Buudhaa Daakiya  Writer : Nitish Rising Star Of the Month   वो एक बूढ़ा डाकिया… गाँव में जब भी आता,अपने साथ सिर्फ खत नहीं लाता था.. निदा साहब का ये जादूगर अपने झोले में हँसी,आँसू,सुख-दुख सब रखता था.. खाकी वर्दी पहने ,काँधे पर झोला लटकाए साथ में अपनी अर्धांगिनी साइकिल को लिए गाँव…