Week 15: Earth Day

वापसी By Ajay Purohit @Ajaythetwit {Aaj Sirhaane Distinction – Best Writing}  हाँफते-२ मैं दौड़ा चला जा रहा था, संकरी घाटी पर, घर की ओर ।  ‘टिल्लू, पानी ठीक से ले जईय्यो… नहीं तो फ़िर से नीचे आना पड़ेगा ‘ कुसुम की आवाज़ थी । उन पगडंडियों, झाड़ियों व पथरीली राहों में ना जाने कैसा रोमांच था…

Week 14: Ummeed Ki Udaan

गुल्लक By Jagrati Mishra ♠♣♥♦ @Jagrati_mishra {Stories Of The Week – First} “क्या डाल रहा है ठाकुर जी की गुल्लक में ? “ “कुछ नहीं…” “देखूँ ! क्या है ….” इतना कहकर मौली ने कीकू के हाथ से काग़ज़ का टुकड़ा छीन लिया जिसपर कुछ आड़ी तिरछी रेखायें थीं.. “क्या लिखा है इसमें ?” “माँ….”…

Week 13 : The Wisdom Of Our Follies

सेल्समेन By Mohammad Rizwan @Rizwan1149 शोरूम में हमारे प्रवेश करते ही एक १५-१६ साल का लड़का आगे आया। “आईये दीदी किया देखेंगी सूट या साड़ी?” “साड़ी दिखाओ… पार्टी वियर…” थोड़ी ही देर में एक के बाद एक कई साड़ियों का उसने चठ्ठा लगा दिया। “इनमे से आपको कोई पसंद नहीं”? उसने पूंछा काउंटर पैर बैठे…

Week 12: Zindagi, inki bhi ..

Dear readers .. We have worked really hard to put these stories on the tab for you. If you like a story, mention a few words of encouragement to the writer and tag us. Spread some love. 🙂   विज्ञापन by Mohammad Rizwan @Rizwan1149 {Appreciated By Guest Editor} अशोक मित्तल, शहर में बन रही एक…

Week 9 : Shades Of Love

  तुम्हारे साथ By Siddhant @siddhant01 – अरे ! तुम फिर आ गईं…. – तुम उदास थे, कैसे ना आती ? – तुम्हें अगर मेरे साथ ही रहना है, तो दूर ही क्यों जाती हो? – लेकिन मैं तो हमेशा तुम्हारे साथ ही रहती हूँ । – मेरे साथ? – मुझे पहचाना नहीं ? –…

Week 8 : यह गुलसिताँ हमारा

{Note From Guest Editor @kuhu_bole : “Class of 2016, इस बार शानदार कहानियां मिली हैं। कहा था ना हिंदुस्तान में जितने रंग है उतनी कहानियां मिल सकती हैं। शब्दों की सीमा में रहकर बहुत अच्छी कहानियां लिखी गई हैं। इनमें से कोई एक कहानी चुनना बहुत ही मुश्किल लगा।” } एक सड़क By Varun K….

Week 5: The Girl & The Meter of Life

लुक्का छुप्पी By Harleen Vij @VeiledDesires_  कई दिनों से वह ये खेल खेल रही थी। हर दोपहर, चुप के से, किसी किनारे जाकर बैठ जाती। आगे पीछे देखती, कई बार देखती, फिर धीमे से अपना दायाँ हाथ आगे करती और रोटी की एक बुरकी फटाफट मुँह में डाल लेती। आज भी उसे यह खेल खेलना…

Week 4: Kaagaz

    कागज़ का रिश्ता By Ajay Purohit  @Ajaythetwit “माँ, नाव कहाँ चली जाती है” “बिट्टो रानी, कागज़ की है, डूब जाती होगी” “रानी साहिबा, कोई पगला है, कई सालों से इन कागज़ी नावों को पकड़, जमा करता था । कहता था, बिटिया की हैं । बेचारे की बेटी बाढ़ में बह गयी थी” “पिछले महीने…

Week 3: Sugar Free

लड्डू by Siddhant @Siddhant01 – अरे! आपने अब तक दवाई नहीं ली? जन्मदिन के दिन भी उदास हो, आज तो हँस दीजिये। – कैसे हँसू , तुम ही कहो? ना मिठाई, ना केक और ना तुमने मुझे मुन्नी की टॉफी खाने दी। – आप समझते क्यूँ नहीं? ये मीठा आपके लिए ठीक नहीं। – अच्छा…

Week I : संयोग

Ruchi Rana @rushuvi डूबता हुआ सूरज, गंगा का तट, दुप्पट्टे का एक भीगा कोना, बरगद की वो झुकी डाल… ख्वाहिशों का एक धागा बाँधा था आस की लौ जला के। एक ख़ामोश ख़याल ..सफ़ों के बीच नज़रबंद सदियों से … बेहद शोर था , भीड़ भी अथाह…ऊपर से रैली के नारों की भयावह गूँज।  वो…