मौन By Kunal Kushwah

कुछ बातें सिर्फ बिन बोले ही की जा सकती हैं. बहुत बहुत बहुत अच्छी कविता .. अवश्य पढ़ें  लेखक कुनाल कुशवाह की ये सुन्दर लेखनी .. -Aaj Sirhaane   मौन फिर पुरानी याद को लेकर, आज तुम्हारे समक्ष खड़ा हूँ, कहना चाहूँ जी भर कर, कि इश्क़ में तेरे सबल खड़ा हूँ, लेकिन इन आँखों…

छबीस ग्यारह

  Theme: आतंकवाद के खिलाफ एकीकृत Plot: चार अजनबी 26 /11/08 का दिन याद करते हुए अपने थोड़े कड़वे थोड़े मीठे व्यक्तिगत अनुभव सुनाते हैं.. Prop Words: गुलाब के फूल, टैक्सी ड्राइवर, तुलसी का पौधा, पाजेब, गर्दन पर निशान, पुरानी दोस्ती, शान्ति, देशद्रोही Our Writers: वोह १५ मिनट – लेखक: सुहेल जैदी तुलसी का विवाह…