Karan : Navneet Mishra

भाग-1 ****** चातक चाँद को देखकर जैसे खुश होता है करन उससे भी अधिक खुश था। नए कपड़ों और गहनों से सजी उसकी दुल्हन उसकी प्रतीक्षा में बैठी थी। इस वातावरण में मुग्ध अनायास ही कब उसका मन बच्चे की भाँति मचल उठा, उसे स्वयं भी भान नहीं हुआ। नयी अनुभूति से अभिभूत स्वयं को…

Week 21 : पहियों का सफ़र

गाड़ी बदल रही हैं मिजाज़ कैसे कैसे..
कहानियां खोलेंगी देखो राज़ कैसे कैसे ..

Pratham Smuggler By Navneet Mishra

A fine work of satire and humor over corruption in public-administration. Navneet’s crisp and impeccable eastern accent compliments the story like nothing could have.

Week 15: Earth Day

वापसी By Ajay Purohit @Ajaythetwit {Aaj Sirhaane Distinction – Best Writing}  हाँफते-२ मैं दौड़ा चला जा रहा था, संकरी घाटी पर, घर की ओर ।  ‘टिल्लू, पानी ठीक से ले जईय्यो… नहीं तो फ़िर से नीचे आना पड़ेगा ‘ कुसुम की आवाज़ थी । उन पगडंडियों, झाड़ियों व पथरीली राहों में ना जाने कैसा रोमांच था…