Week 8 : यह गुलसिताँ हमारा

{Note From Guest Editor @kuhu_bole : “Class of 2016, इस बार शानदार कहानियां मिली हैं। कहा था ना हिंदुस्तान में जितने रंग है उतनी कहानियां मिल सकती हैं। शब्दों की सीमा में रहकर बहुत अच्छी कहानियां लिखी गई हैं। इनमें से कोई एक कहानी चुनना बहुत ही मुश्किल लगा।” } एक सड़क By Varun K….

छबीस ग्यारह

  Theme: आतंकवाद के खिलाफ एकीकृत Plot: चार अजनबी 26 /11/08 का दिन याद करते हुए अपने थोड़े कड़वे थोड़े मीठे व्यक्तिगत अनुभव सुनाते हैं.. Prop Words: गुलाब के फूल, टैक्सी ड्राइवर, तुलसी का पौधा, पाजेब, गर्दन पर निशान, पुरानी दोस्ती, शान्ति, देशद्रोही Our Writers: वोह १५ मिनट – लेखक: सुहेल जैदी तुलसी का विवाह…

Week 3: Sugar Free

लड्डू by Siddhant @Siddhant01 – अरे! आपने अब तक दवाई नहीं ली? जन्मदिन के दिन भी उदास हो, आज तो हँस दीजिये। – कैसे हँसू , तुम ही कहो? ना मिठाई, ना केक और ना तुमने मुझे मुन्नी की टॉफी खाने दी। – आप समझते क्यूँ नहीं? ये मीठा आपके लिए ठीक नहीं। – अच्छा…

Week 2: Children’s Day

बनेगा ना?  by Jaikishan Tulswani  @_iamjk {Aaj Sirhaane Signature Stamp For A Story Filled With Positiveness} कुछ रिश्तों में हिम्मत…साहस…सहनशीलता  हालात पैदा कर देते हैं… मेरा और उसका रिश्ता भी कुछ ऐसे ही बना था.. हम अपनी ज़िन्दगी में एक जैसे हालातों से टकराते होते हुए एक मोड़ पर आकर मिले गए थे… उसमें मुझे…

Kya kya kehta hun tum ko.. by Nimit Rastogi ‘Chitr’

We have reciprocated and exchanged a lot over what we call poetry. Even among ourselves, we find a lot of styles, both adept and still germinating to be. However we rarely see attempts of poetry writing with Hindi new age styles surfacing up. May be getting too much affected by some trend around, somewhere in…