Aham : Renu Mishra

जेठ की दोपहर जब सारा बाजार सुनसान होता है ,तब भी मेवालाल की दुकान खाली नहीं रहती। गाँव की इकलौती पंसारी की दुकान है । भीड़  होना लाजमी है। आज भी लोगों का हुजूम लगा था। सामान तौलते हुए मेवालाल ने सामने सड़क पर नजर फेरी तो देखा रमेश स्कूल से पढ़ा कर घर लौट…